पंडरिया व बोड़ला ब्लाक के राशन दुकानों मे घटिया क्वालिटी के चावल पीडीएस दुकानों मे बांटे जा रहे है,मिलर्स व अधिकारियों की मिलीभगत का बड़ा खेल

पंडरिया व बोड़ला ब्लाक के राशन दुकानों मे घटिया क्वालिटी के चावल पीडीएस दुकानों मे बांटे जा रहे है,मिलर्स व अधिकारियों की मिलीभगत का बड़ा खेल

कवर्धा – जिले के पंडरिया व बोड़ला ब्लाक मे पीडीएस दुकानों मे घटिया स्तर के चावलो का वितरण किया जा रहा है,वनांचल क्षेत्रों मे राईस मिलर्स व नान के अधिकारियों के मिलीभगत से घटिया क्वालिटी के चावल पीडीएस दुकानों मे सप्लाई किया जा रहा है,क्वालिटी इस्पेक्टर,नान व खाद विभाग की मिलीभगत से आम लोगों के जेब मे डाका डाल रहे है,वही राज्य सरकार ने आमलोगों को राहत देने के लिये एक तरफ जहां सरकार मुफ्त में चावल वितरण कर रही है, तो वहीं कवर्धा जिले के अधिकांश पीडीएस दुकानों मे घटिया चावल की सप्लाई हो रही है। जिले में लगभग 483 पीडीएस दुकान संचालित हैं, लेकिन वनांचल क्षेत्र के राशन दुकानों में कनकी, मिट्टी व धान युक्त घटिया चावल का सप्लाई किया जा रहा है।राशन दुकानों मे आदिवासी क्षेत्रों खराब क्वालिटी के चांवल वितरण किया जा रहा है,ऐसे मे वनांचल क्षेत्र मे रहने वाले भोले -भाले गरीब लोगों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है,जिले के ही राइस मिल से ही तैयार होकर जाता है, लेकिन राइस मिल से ही खराब चावल को सरकारी राशन दुकानों में नागरिक आपूर्ति निगम के माध्यम से सप्लाई की जा रही है। गौर करने की बात है कि चावल में केवल 25 प्रतिशत टूटे-फूटे चावल, जिसे सामान्य तौर पर कनकी कहा जाता है, दिया जा सकता है। लेकिन जिले के कई सरकारी राशन दुकानों में 25 प्रतिशत से अधिक मात्रा में ऐसे चावल मिल रहे हैं। पंडरिया व बोड़ला वनांचल क्षेत्रों मे घटिया स्तर के चावलो की सप्लाई से वनांचलवासियों काफी नाराजगी भी देखी जा रही है,इस पुरे गोरखधंधा के पीछे अधिकारियों व मिलर्स की मिलीभगत से अंजाम दिया जा रहा है। यह कोई पहला मामला नही है जो इस तरह से घटिया चावलो का वितरण किया जा रहा है इससे पहले इस तरह के मामले सामने आते रहे है लेकिन जिले के आला अधिकारियों की लापरवाही के कारण ऐसे मामला थम नही रहा है।

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