महामाया बोल बम समिति रविवार को पंचमुखी श्री बूढ़ामहादेव में करेंगे जलाभिषेक

भगवान शिव देवों के देव महादेव में जल अभिषेक की परम्परा सदियों चली आ रही है। हर वर्ष श्रावण माह में कांवरियों द्वारा पदयात्रा कर शिव मंदिरों में जल चढ़ाया जाता है, जिसे कांवड़ यात्रा कहा जाता है। मां नर्मदा के उद्गम स्थल अमरकंटक से शिवभक्तों द्वारा कांवर में मां नर्मदा का पवित्र जल लेकर पदयात्रा करते हुए जलाभिषेक कर रहे हैं। अब तक सैकड़ों कांवरियों का दल शहर व ग्रामीण क्षेत्र से पहुंचकर जलेश्वर महादेव डोंगरिया, पंचमुखी बुढ़ामहादेव तथा भोरमदेव में जलाभिषेक कर चुके है।उप मुख्यमंत्री  विजय शर्मा के निर्देश पर ज़िला बोल बम समन्वय समिति के सदस्य  अनिल ठाकुर,  दौवा गुप्ता,  सुधीर केशरवानी,  निशांत झा द्वारा कांवड़ियों को विशेष सुविधा भी दिया जा रहा है।
माँ महामाया बोल बम समिति के सदस्य श्री भरत साहू ने बताया कि कवर्धा जिले में बोलबम कवाड़ यात्रा के जनक स्व.अर्जुन प्रसाद शर्मा के भागीरथी प्रयास से अमरकंटक से माता नर्मदा जी को कठिन तप करके कावड़ियों ने कवर्धा तक पदयात्रा कर डोंगरिया स्थित जलेश्वर दादा, छत्तीसगढ़ के ऐतिहासिक पुरातात्विक और जन आस्था के केन्द्र बाबा भोरमदेव और पंचमुखी श्री बूढ़ामहादेव में जलाभिषेक कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि माँ महामाया बोल बम समिति रविवार को पंचमुखी श्री बूढ़ामहादेव में जलाभिषेक करेगी। उन्होंने बताया कि समूचा कबीरधाम जिला सावन के महीने में भगवा मय दिख रहा है, उसका श्रेय स्व.अर्जुन प्रसाद शर्मा जी को जाता है।

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