फर्जी दस्तावेज के आधार पर सरकारी नौकरी करने का मामला सामने आया है।

फर्जी दस्तावेज के आधार पर सरकारी नौकरी करने का मामला सामने आया है।

आरोप है कि सामान्य वर्ग के दो शिक्षकों द्वारा अनुसूचित जनजाति का फर्जी प्रमाण पत्र बनाकर सरकारी नौकरी किया जा रहा है जिसे लेकर आदिवासी समाज में आक्रोश फैल गया है।मामले की विरोध करते हुए आदिवासी समाज के लोगों ने आज सामाजिक पदाधिकारियों के साथ कलेक्ट्रेट पहुंचकर ज्ञापन सौंपा और दोषी शिक्षकों पर सख्त कार्रवाई की मांग की।ज्ञापन में आदिवासी समाज ने आरोप लगाया कि इन दोनों शिक्षकों ने झूठे प्रमाण पत्र बनाकर न केवल सरकारी नौकरी हासिल की, बल्कि वास्तविक अनुसूचित जनजाति वर्ग के पात्र उम्मीदवारों का अधिकार भी छीन लिया। समाज के लोगों का कहना है कि इस तरह की घटनाएं आदिवासी समाज के हक और सम्मान को ठेस पहुंचाने वाली हैं और प्रशासन को सख्ती से ऐसे मामलों पर संज्ञान लेना चाहिए।ज्ञापन स्वीकार करने वाले प्रशासनिक अधिकारी ने मामले की गंभीरता को देखते हुए कहा कि पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच की जाएगी। जांच के बाद दोषियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। वहीं आदिवासी समाज ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही उचित कार्रवाई नहीं हुई, तो वे व्यापक स्तर पर आंदोलन करने को बाध्य हो

 

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