गड्ढों में लेटकर भाजपा सरकार की खोखली विकास नीति का पर्दाफाश – तुकाराम चंद्रवंशी

गड्ढों में लेटकर भाजपा सरकार की खोखली विकास नीति का पर्दाफाश – तुकाराम चंद्रवंशी

भाजपा सरकार और प्रदेश के गृहमंत्री विजय शर्मा की कथनी और करनी में फर्क की पोल अब जनता के सामने खुलकर आ गई है।आज युवा कांग्रेस प्रदेश उपाध्यक्ष तुकाराम चंद्रवंशी ने गृहमंत्री विजय शर्मा की चुनौती को स्वीकार करते हुए नेशनल हाईवे क्रमांक 130A (पोड़ी से सिलहटी तक) पर गड्ढों में लेटकर प्रदर्शन किया, जिससे भाजपा के तथाकथित विकास कार्यों का सच उजागर हुआ।यह सड़क अब सड़क नहीं रही — यह जानलेवा जहर बन चुकी है।गड्ढों में सड़क है या सड़क में गड्ढे — यह फर्क करना मुश्किल है।ग्रामीण जनजीवन इससे त्रस्त है, दुर्घटनाएं आम हो चुकी हैं, और जिम्मेदार जनप्रतिनिधि केवल आरोप-प्रत्यारोप की राजनीति में मशगूल हैं।

पूर्व में भी तुकाराम चंद्रवंशी ने इस मार्ग की दुर्दशा को लेकर अधिकारियों से बात कर मरम्मत कार्य कराया था, लेकिन अब पुनः वही सड़क तालाबनुमा गड्ढों में तब्दील हो चुकी है।पूर्व में बायपास में चंद्रवंशी जी ने गड्ढों में बैठकर प्रदर्शन किया था, तब गृहमंत्री विजय शर्मा ने गड्ढों में लेटकर प्रदर्शन करने की ‘सलाह’ दी थी।आज उसी सलाह को चुनौती की तरह स्वीकारते हुए उन्होंने सरकार के खोखले दावों की सच्चाई सड़क पर लिटाकर दिखा दी है।सबसे बड़ा सवाल यह है कि:

➡ यह नेशनल हाईवे केंद्र सरकार की परियोजना है,

➡ केंद्र में भाजपा की तीसरी बार सरकार है,

➡ और गृहमंत्री खुद स्थानीय विधायक हैं,

फिर भी सड़क क्यों बदहाल है?

क्या भाजपा अब अपनी ही सरकार की नाकामी का दोष कांग्रेस पर मढ़ेगी?भाजपा सरकार की नाकामी पर चुप्पी क्यों?

➡ क्या यह है ‘नया भारत’ का नया विकास?

➡ क्या सड़क सुरक्षा केवल नारों तक सीमित रह गई है?

➡ क्या गड्ढों में जनता की जान की कोई कीमत नहीं है?

2. इस नेशनल हाईवे की मरम्मत कार्य के लिए त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करें।3. और केंद्र सरकार अपने तीसरे कार्यकाल में जवाब दे कि विकास केवल जुमलों में है या ज़मीन पर भी?

गड्ढों में लेटकर किया गया यह प्रदर्शन केवल एक दृश्य नहीं, यह भाजपा के खोखले वादों की असल तस्वीर है।अब जनता सवाल पूछ रही है – जवाब चाहिए, बहाने नहीं।

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