*कुकदुर, 5 अगस्त 2024 छत्तीसगढ़ के कुकदुर वनांचल क्षेत्र के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में आयोजित मेगा स्वास्थ्य शिविर ने क्षेत्र के निवासियों को बहुप्रतीक्षित चिकित्सा सेवाएं प्रदान कीं। इस शिविर का आयोजन विशेष रूप से उन लोगों के लिए किया गया था, जो दूरस्थ स्थानों में निवासरत हैं और नियमित स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच से वंचित हैं। इस महत्ती पहल का उद्देश्य था कि वनांचल और जनजातीय क्षेत्रों के लोगों को उच्च गुणवत्ता वाली चिकित्सा सेवाएं और आवश्यक स्वास्थ्य परामर्श नि:शुल्क उपलब्ध कराया जा सके।विशेषज्ञ डॉक्टरों का सहयोग और सेवाएंशिविर में भाग लेने के लिए विभिन्न चिकित्सा विशेषज्ञों की एक विशिष्ट टीम भेजी गई थी, जिसमें सामान्य चिकित्सक, दंत चिकित्सक, नेत्र विशेषज्ञ, स्त्री रोग विशेषज्ञ और बाल रोग विशेषज्ञ शामिल थे। ये विशेषज्ञ दिनभर शिविर में उपस्थित रहे और उन्होंने रोगियों की संजीवनी जांच कर उन्हें उचित उपचार प्रदान किया।विशेष रूप से मलेरिया, डेंगू, मधुमेह, और उच्च रक्तचाप जैसे सामान्य और गंभीर रोगों से ग्रस्त मरीजों को तत्काल चिकित्सा सेवा प्रदान की गई। शिविर में गर्भवती महिलाओं और बच्चों के लिए भी विशेष प्रबंध किए गए थे, जिनमें उनके स्वास्थ्य की जांच और पोषण संबंधी परामर्श शामिल थे। डॉक्टरों ने न केवल उपचार किया, बल्कि उपस्थित लोगों को स्वास्थ्य संबंधी जानकारी और निवारक उपायों के प्रति जागरूक भी किया।स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच की अनूठी पहल
कुकदुर जैसे दूरस्थ और आदिवासी क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता सदा से ही एक बड़ी चुनौती रही है। इस मेगा स्वास्थ्य शिविर का आयोजन इसी चुनौती का सामना करने के लिए किया गया था, ताकि इन इलाकों के निवासियों को अपने घर के नजदीक ही विशेषज्ञ चिकित्सा सेवाएं सुलभ हो सकें। शिविर में 300 से अधिक लोगों ने पंजीकरण कराया और दिनभर चिकित्सा सेवाओं का लाभ उठाया। स्थानीय प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने इस आयोजन को सुचारू रूप से संचालित करने के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं की थीं।
इसके अतिरिक्त, इस शिविर में लोगों के आयुष्मान कार्ड भी बनाए गए, ताकि वे भविष्य में स्वास्थ्य सेवाओं का व्यापक लाभ उठा सकें और आवश्यकतानुसार उपचार प्राप्त कर सकें।समुदाय में जागरूकता अभियानइस स्वास्थ्य शिविर के आयोजन के साथ-साथ, स्वास्थ्य विभाग ने विभिन्न जागरूकता अभियान भी चलाए। इन अभियानों में तपेदिक (टीबी), मलेरिया, डायरिया, और अन्य संक्रामक रोगों से बचाव के उपायों के बारे में जानकारी दी गई। इसके साथ ही, स्वच्छता, स्वच्छ पेयजल और पोषण के महत्व पर भी विशेष बल दिया गया। जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से लोगों को उनके स्वास्थ्य की देखभाल के प्रति सचेत और जिम्मेदार बनाने का प्रयास किया गया।जीवन में सकारात्मक बदलाव की अनुगूंज शिविर के सफल आयोजन के पश्चात, कुकदुर और इसके आस-पास के क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं के प्रति जागरूकता और उत्साह का संचार हुआ। इस शिविर ने न केवल लोगों को समुचित स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान कीं, बल्कि उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव की अनुगूंज भी छोड़ी। स्थानीय निवासियों ने इस पहल की भूरि-भूरि प्रशंसा की और भविष्य में ऐसे और भी शिविरों के आयोजन की आकांक्षा जताई।
.आयोजन की सफलता में सामुदायिक सहयोगइस शिविर के सफल आयोजन में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पंडरिया और कुकदुर, जिला चिकित्सालय और स्थानीय प्रशासन के साथ-साथ स्वास्थ्य विभाग और समाजसेवी संगठनों का महत्वपूर्ण योगदान रहा। खंड चिकित्सा अधिकारी डॉ. अनामिका पटेल, बीपीएम प्रदीप सिंह ठाकुर, संस्था प्रभारी डॉ. प्रसंगिना साधु, दंत रोग विशेषज्ञ डॉ. स्वपनिल साधु, डॉ. विनय ध्रुव तथा जिला चिकित्सालय से शिव गोपाल ठाकुर, मेडिसिन विशेषज्ञ डॉ. गोपेश सिदार, स्त्रीरोग विशेषज्ञ डॉ. अम्बिलका ठाकुर, शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. अनुष्का मिश्रा, हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. विकास चंद्रा, सर्जन डॉ. आशिफ करीम, और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र से आशुतोष शर्मा, श्रीमति श्वेता सोनी, धीरज मोहोबिया, जेम्स जॉन, प्रांजल बख्शी, विनीष जॉय, जॉन निर्मल एक्का और अन्य स्टॉफ की समन्वित कोशिशों से यह आयोजन सफल हो पाया।
आगे की दिशा स्वास्थ्य विभाग ने यह घोषणा की है कि इस तरह के शिविरों का आयोजन भविष्य में भी किया जाएगा, ताकि वनांचल और दूरस्थ क्षेत्रों के लोगों को निरंतर स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकें। इस प्रकार के आयोजनों से जनजातीय और ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य संबंधी परिस्थितियों में सुधार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया जा सकेगा।स्वस्थ शरीर में ही स्वस्थ मस्तिष्क का वास होता है, इस विचार को साकार करते हुए कुकदुर में आयोजित इस मेगा स्वास्थ्य शिविर ने न केवल लोगों को तात्कालिक चिकित्सा लाभ पहुंचाया, बल्कि उनके जीवन में दीर्घकालीन स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता और सेवा की नई उम्मीद भी जगा दी है।
