विश्व जल दिवस के अवसर पर कवीर किसानों ने लिया जल संरक्षण का संकल्प, घर-घर बनेगा सोकपिट
कवर्धा। विश्व जल दिवस के अवसर पर ग्राम महली के पंचायत भवन में छत्तीसगढ़ एग्रीकॉन समिति के द्वारा एक दिवसीय जागरूकता एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें कवीर किसानों को जल संरक्षण के प्रति जागरूक किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य जल संरक्षण को केवल खेती तक सीमित न रखते हुए, इसे जीवनशैली और सामुदायिक जिम्मेदारी के रूप में स्थापित करना था।कार्यक्रम के दौरान किसानों, महिलाओं एवं युवाओं को जल की वर्तमान स्थिति पर विस्तृत जानकारी दी गई। बताया गया कि विश्व में केवल 2.5% जल ही मीठा पानी है और भारत में 18% जनसंख्या होने के बावजूद केवल 4% जल संसाधन उपलब्ध हैं। इस संदर्भ में बताया गया कि “जल संकट केवल भविष्य की समस्या नहीं, बल्कि वर्तमान की गंभीर चुनौती है, जिसके समाधान के लिए अभी से ठोस कदम उठाना आवश्यक है।”प्रशिक्षण में जल प्रबंधन के समग्र (Holistic) दृष्टिकोण पर जोर दिया गया, जिसमें व्यक्तिगत, पारिवारिक, सामुदायिक एवं कृषि स्तर पर जल संरक्षण के उपायों की जानकारी दी गई। किसानों को खेती में जल संरक्षण आधारित तकनीकों जैसे AWD (Alternate Wetting and Drying), डायरेक्ट सीडिंग एवं मल्चिंग के उपयोग के बारे में बताया गया। साथ ही घर स्तर पर जल प्रबंधन, सोकपिट निर्माण, पोषण वाटिका के माध्यम से कम पानी में खेती एवं बच्चों में जल संरक्षण की आदत विकसित करने के लिए प्रेरित किया गया।युवाओं को जल संरक्षण अभियान चलाने, सोशल मीडिया के माध्यम से जागरूकता फैलाने तथा गांव के जल स्रोतों के संरक्षण में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रोत्साहित किया गया। वहीं प्रकृति आधारित समाधानों जैसे वृक्षारोपण, कैचमेंट एरिया संरक्षण एवं मिट्टी में नमी बनाए रखने के उपायों पर भी जोर दिया गया, जिससे भूजल स्तर में वृद्धि हो सके।कार्यक्रम में जल प्रबंधन को लेकर राजस्थान के मॉडल गांव पिपलांत्री का वीडियो भी प्रदर्शित किया गया। इस दौरान पूर्व सरपंच रघुराई चंद्राकर ने कहा कि सभी को मिलकर जल प्रबंधन के लिए सामूहिक प्रयास करना होगा। भागवत चंद्राकर ने नई तकनीकों के साथ खेती अपनाने पर बल दिया, जिससे पानी की बचत संभव हो सके। वहीं ओम प्रकाश ने सार्वजनिक जल स्रोतों की नियमित सफाई एवं अधिक से अधिक वृक्षारोपण पर जोर दिया।कार्यक्रम के अंत में सभी उपस्थित किसानों एवं ग्रामीणों ने सामूहिक रूप से संकल्प लिया कि वे पानी की बर्बादी नहीं करेंगे, अपने-अपने घरों में सोकपिट बनाएंगे, वर्षा जल संचयन को अपनाएंगे तथा अपने गांव को जल समृद्ध बनाने में सक्रिय योगदान देगें
सभी ने मिलकर जल संरक्षण को जन आंदोलन बनाने का आह्वान किया। कार्यक्रम का संचालन जिला समन्वयक दीपक बागरी ने किया तथा आभार प्रदर्शन जितेंद्र कश्यप द्वारा किया गया।कार्यक्रम में प्रोग्राम ऑफिसर ओम प्रकाश भास्कर एवं कवीर वॉलंटियर्स रंजीत यादव और बृजेश बांधेकर का विशेष सहयोग रहा। साथ ही ग्राम महली, पौनी, बंधा, डोमसरा एवं बनियाकुबा के कवीर किसान बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
