हनुमान जी महाराज की मूर्ति से मुकुट चोरी का खुलासा 3 आरोपियो को किया गिरफ्तार, मुकुट भी बरामद*
सोशल मीडिया में फुलवारी परिसर स्थित हनुमान मंदिर में भगवान हनुमान जी की मूर्ति के खंडित होने संबंधी जो जानकारी प्रसारित की जा रही थी, वह पूर्णतः अफवाह, भ्रामक एवं निराधार पाई गई है। मंदिर के पुजारी के कथन अनुसार भगवान हनुमान जी की मूर्ति पूर्णतः सुरक्षित है तथा मूर्ति किसी भी प्रकार से खंडित नहीं हुई है।पुजारी के कथन अनुसार महाशिवरात्रि के आसपास मंदिर में स्थित हनुमान जी की प्रतिमा से चांदी का मुकुट चोरी होने की घटना हुई थी, जो उस समय संज्ञान में नहीं आई थी। संज्ञान में आने पर दिनांक 15/04/2026 को थाना कोतवाली कवर्धा में अपराध क्रमांक 155/2026, धारा 303(2), 305(घ) बीएनएस के तहत अपराध पंजीबद्ध किया गया।पुलिस अधीक्षक धर्मेन्द्र सिंह (IPS), अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक पुष्पेन्द्र बघेल एवं अमित पटेल तथा पुलिस अनुविभागीय अधिकारी आशीष शुक्ला के निर्देशन एवं मार्गदर्शन में त्वरित कार्यवाही करते हुए तीनों आरोपियों को हिरासत में लिया गया।गिरफ्तार आरोपियों का विवरण निम्नानुसार हैः1. योगेश दुबे उर्फ मोनू दुबे पिता अशोक दुबे, उम्र 32 वर्ष, निवासी ग्राम उमरिया थाना बेमेतरा, हाल केशव प्रसाद पाठक का मकान, राजमहल कॉलोनी वार्ड क्रमांक 10, कवर्धा, थाना कोतवाली कवर्धा, जिला कबीरधाम।2. देवी मिश्रा पिता रामानंद मिश्रा, उम्र 45 वर्ष, निवासी वार्ड क्रमांक 10, राजमहल कॉलोनी कवर्धा, थाना कोतवाली कवर्धा, जिला कबीरधाम।3. मनीन्द्र सोनी पिता स्व. शम्भू प्रसाद सोनी, उम्र 46 वर्ष, निवासी वार्ड क्रमांक 12, कचहरी पारा कवर्धा, थाना कोतवाली कवर्धा, जिला कबीरधाम।पूछताछ के दौरान आरोपी योगेश दुबे उर्फ मोनू दुबे द्वारा मंदिर से चांदी का मुकुट चोरी करना स्वीकार किया गया, जिसमें आरोपी देवी मिश्रा द्वारा सहयोग किया गया। चोरी किए गए मुकुट को आरोपी मनीन्द्र सोनी (सुनार) को लगभग 1800 रुपये में विक्रय किया गया।जांच में यह तथ्य सामने आया कि आरोपी सुनार द्वारा उक्त चांदी के मुकुट को गला दिया गया था। बाद में मोहल्ले वासियों के माध्यम से घटना की जानकारी होने पर उसने उसी चांदी से नया मुकुट तैयार कर लिया, जिसे पुलिस द्वारा आरोपी मनीन्द्र सोनी के कब्जे से विधिवत बरामद किया गया है।आरोपियों से विस्तृत पूछताछ उपरांत दिनांक 18/04/2026 को घटना स्थल पर ले जाकर घटना का पुनर्निर्माण कराया गया, जिसमें आरोपियों द्वारा चोरी की पूरी घटना का तरीका बताया गया और इस दारुण अपने किए पर शर्मिंदा होते हुए उसी समय स्वयं से अपने कृत्य के लिए हनुमान जी के समक्ष क्षमा याचना भी की गई।तीनों आरोपियों को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायालय में प्रस्तुत किया जा रहा है तथा प्रकरण में अग्रिम वैधानिक कार्यवाही प्रचलित है।कबीरधाम पुलिस द्वारा समस्त स्वर्ण-रजत व्यवसायियों/सुनारों से अपील है कि किसी भी संदिग्ध व्यक्ति से सोने-चांदी के आभूषण अथवा अन्य कीमती वस्तुएं बिना वैध बिल एवं दस्तावेज के क्रय-विक्रय न करें। अन्यथा संबंधित के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्यवाही की जाएगी। साथ ही, सोशल मीडिया या अन्य माध्यमों से अफवाह फैलाने, भ्रामक जानकारी प्रसारित करने अथवा समाज में अशांति उत्पन्न करने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध कठोर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। कबीरधाम पुलिस द्वारा ऐसे तत्वों पर सतत निगरानी रखी जा रही है।कबीरधाम पुलिस सभी नागरिकों से अपील करती है कि वे किसी भी अपुष्ट जानकारी पर विश्वास न करें एवं उसे साझा करने से बचें तथा शांति एवं कानून व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करें।यदि किसी भी व्यक्ति को इस संबंध में कोई जानकारी प्राप्त होती है, तो तत्काल नजदीकी पुलिस थाना को सूचित करें।
आपकी सजगता एवं सहयोग से ही समाज में शांति एवं व्यवस्था सुनिश्चित की जा सकती है।
